शिव रात्रि त्यौंहार आ गया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

शिव रात्रि त्यौंहार आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

शिव की मंगलमय भक्ति का आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

शिव का नाम अमंगल हारी शिव का नाम अमंगल हारी

शिव फलदायक मङ्गल कारी शिव फलदायक मङ्गल कारी

पूजे शिव को सब नर नारी पूजे शिव को सब नर नारी

तन मन शिव शिव शिवमय हो गया गूँजे सारा संसार

शिव की मंगलमय भक्ति का आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

इस दिन करके रूद्र आह्वाहन इस दिन करके रूद्र आह्वाहन

अंतर्मन हो जाए पावन अंतर्मन हो जाए पावन

प्रभु मधुर हैं पुनीत सुहावन प्रभु मधुर हैं पुनीत सुहावन

चरणों में देवाधिदेव के है जीवन का सार

चरणों में श्री महादेव के है जीवन का सार

शिव की मंगलमय भक्ति का आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

शिव को जलाभिषेक कराएं शिव को जलाभिषेक कराएं

नंदिनाथ को हृदय बसाएं नंदिनाथ को हृदय बसाएं

कुलदीपलेखक देवेंद्र गायक भी महिमा गाएँ कुलदीप देवेंद्र भी महिमा गाएँ

प्रकृतियुग और काल चक्र के महाकाल आधार

शिव की मंगलमय भक्ति का आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय बोलो ॐ नमः शिवाय

शिव रात्रि त्यौंहार आ गया शिव रात्रि त्यौंहार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।