तू कितनी अच्ची है ओ मॉं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है, प्यारी प्यारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।

यह जो दुनिया है, वन है कांटो का, तू फुलवारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ,

मेरे लिए जागी है तू सारी सारी रतिया ।

मेरी निदिया पे अपनी निदिया भी तूने वारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

अपना नहीं तुझे सुख दुःख कोई,

मैं मुस्काया तू मुस्काई मैं रोया तू रोई ।

मेरे हसने पे मेरे रोने पे तू बलिहारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥

माँ बच्चो की जा होती है,

वो होते हैं किस्मत वाले, जिनकी माँ होती है ।

कितनी सुन्दर है, कितनी शीतल है, न्यारी नयारी है,

ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ,

फिल्म : राजा और रंक

फिल्म में स्वर : लता मंगेशकर

कवि : आनंद बक्शी

संगीत : लक्ष्मीकांत प्यारेलाल

अशोक जांगिड़ की कि छोटी सी कोशिश

म.9828123517

सवाई माधोपुर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।