खुशियां सबको लुटाता जा

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

खुशियां सबको लुटाता जा

घट घट में है साईं मोरा

सबको प्यार देता जा

खुशियां सबको लुटाता जा

चार दिनों की ज़िन्दगी

सुख दुःख में तू यूं बन जाना

साईं साईं रटते जाना

सुख दुःख में तू यूं बन जाना

साईं साईं रटते जाना

साईं बेडा पार करेंगे

मन को धीर बंधाता जा

खुशियां सबको लुटाता जा

चार दिनों की ज़िन्दगी

ये दुनिया है रैन बसेरा

क्यों करता है मेरा मेरा

ये दुनिया है रैन बसेरा

क्यों करता है मेरा मेरा

यहां की दौलत यहीं रहेगी

दया धर्म से रहता जा

खुशियां सबको लुटाता जा

चार दिनों की ज़िन्दगी

ना बैर किसी से करना है

हम सब भाई भाई है

ना बैर किसी से करना है

हम सब भाई भाई है

साईं के सब रूप जानकर

श्रद्धा भक्ति बढ़ाता जा

खुशियां सबको लुटाता जा

चार दिनों की ज़िन्दगी में

खुशियाँ सबको लुटाता जा

घटघट में है साईं मोरा

सबको प्यार देता जा

खुशियां सबको लुटाता जा

चार दिनों की ज़िन्दगी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।