निकले दिल से एक ही नाम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

निकले दिल से एक ही नाम जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

एक ही नाम बस एक ही नाम जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

हाथो में लेके निशाँ जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

खाटू की गलियों में गूंजे जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

खाटू बन गया पावन धाम जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से एक ही नाम....

धरती के कण कण में गूंजे जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

भारत के जन जन में गूंजे जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से एक ही नाम ..

मिल कर सारे प्रेमी बोले जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

श्याम प्रभु के सेवक बोले जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से इक ही नाम..........

जोर लगा के सारे बोलो जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

हाथ उठा कर सारे बोलो जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ..........

आने वाले बोल रहे है जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

जाने वाले बोल रहे है जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ,,........

ढाली ढाली बोल रही है जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

पता पता बोल रहा है जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ............

सागर नदी किनारे बोले जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

सूरज चाँद सितारे बोले जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ,,,,,,,,,,

बच्चा बच्चा बोल रहा है जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

शीश का दानी बड़ा महान जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ...........

बल्लू का तो इक ही नारा जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

भगत कहो तुम्हे कौन है प्यारा जय श्री श्याम जय श्री श्याम,

निकले दिल से ............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।