रहम मांगता हूँ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रहम मांगता हूँ करम मांगता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

गरीबों का दाता तू दौलत अदा कर

तू बीमार निर्बल को सेहत अता कर

बीमारों की तुझसे मरहम मानता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

जो बेघर हैं उनको मिले आशियाना

भटके हुओ को तू दे दे ठिकाना

गुज़ारिश है तुझसे अमन मांगता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

वतन से तू वेह्शी दरिंदे सफा कर

लुटेरे हैं कातिल जो पापी फना कर

जला दे जो वेह्शत अगन मानता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

तेरी बंदगी में लगाए तू रखना

रेहमत का आँचल बनाये तू रखना

भजन में तुम्हारे मगन मांगता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

मुझे दुर्गुणों से बचाये तू रखना

चलूँ नेक राहें चलाये तू रखना

ये बस तुझसे चलन मांगता हूँ

कन्हैया मैं तेरी शरण मांगता हूँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।