धर्म करम का ज्ञान नहीं

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन साईं भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

धर्म करम का ज्ञान नहीं,

अनजान जो पूजा पाठ से,

दो अक्षर का नाम जपो जीवन को बिताओ ठाठ से,

साईं साईं बोलो बस साईं साईं बोलो,

साईं शरण में आकर मैंने सीखा है बस इतना ज्ञान,

जीवन हो अरदास में और सब का करना है समान,

वो चीज कभी न अपनाओ जो मिले किसे अघात से,

दो अक्षर का नाम जपो जीवन को बिताओ ठाठ से,

साईं साईं बोलो बस साईं साईं बोलो,

मन्दिर घुमो मज्शिद घुमो चाहे घुमो चारो धाम,

माता पिता की सेवा में जो मन को मिलता है आराम,

एसा सुख बैकुंठ मिले न मिले किसी भी जाप से,

दो अक्षर का नाम जपो जीवन को बिताओ ठाठ से,

साईं साईं बोलो बस साईं साईं बोलो,

कर्म का फेरा बहुत बुरा है बुरा कभी न कर्म करो,

ओरो को पड़ने से पहले खुद को पेहले आप पड़ो,

मुख पर वाणी मीठी रख और पाप को बोलो नाप के,

दो अक्षर का नाम जपो जीवन को बिताओ ठाठ से,

साईं साईं बोलो बस साईं साईं बोलो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।