गणपति तेरे चरणों की

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गणपति तेरे चरणों की यदि धुल जो मिल जाये

सच कहता हु मेरी किस्मत ही बदल जाये

ये मन बड़ा चंचल है कैसे तेरे भजन करू,

जितना इसे समझाऊं, उतना ही मचल जाए

नजरो से गिराना ना, चाहे जो भी सजा देना

नजरो से जो घिर जाए, मुश्किल है संभल पाए

गणपति इस जीवन की बस एक तम्मना है

तुम सामने हो मेरे, मेरा दम ही निकल जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।