नारायण धुन-श्रीमन नारायण नारायण

पारंपरिक
श्री राम भजन विष्णु भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

श्रीमन नारायण नारायण नारायण

लख चौरासी, भोग के तूने, यह मानव तन पाया ll

रहा भटकता, माया में तूने, कभी न हरि गुण गाया,

भज ले, नारायण नारायण नारायण

वेद पुराण, भागवत गीता, आत्म ज्ञान सिखाए

रामायण जो, पढ़े हमेशा, राम ही राह दिखाए,

भज ले, नारायण नारायण नारायण

गज़ और ग्राह, लड़े जल भीतर, लड़त लड़त गज़ हारा

प्राणो पर जब, आन पड़ी तो, प्रेम से तुझे पुकारा,

भज ले, नारायण नारायण नारायण

कोई नहीं है, जग में तेरा, तूँ काहे भरमाए

प्रभु की शरण में, आजा बंदे, वही पार लगाए,

भज ले, नारायण नारायण नारायण

श्रीमन नारायण नारायण नारायण

श्रीमन नारायण नारायण नारायण

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।