तेरे दर पे आया सुदामा भिखारी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी,

तेरे दर पे आया सुदामा भिखारी ॥

तेरे दर पे आया सुदामा पुजारी ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी...

क्या मैं बताऊँ, क्या मैं सुनाऊँ,

एक दुःख नहीं जो मैं मन में छिपाऊँ ।

घट-घट की जानते हो, तुम सब मुरारी,

तेरे दरपे आया सुदामा भिखारी ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी...

ना तो डगर है, ना कोई घर है,

फटे हुए कपड़े हैं, तुझे सब खबर है ।

क्या तुम परीक्षा, लेते हमारी,

तेरे दरपे आया सुदामा भिखारी ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी...

नैनों में आँसू, उठे ना कदम है,

आवो कन्हैया अब तो, होठों पे दम है ।

जरा आ के देखो, दशा तो हमारी,

तेरे दरपे आया सुदामा भिखारी ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी...

आवो कन्हैया, छूटे अब दम है,

अगर अब ना आये तो माँ की कसम है ।

माँ की कसम सुनके, पहुँचे मुरारी,

तेरे दर पे आया सुदामा भिखारी ॥

आओ कन्हैया, आओ मुरारी...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।