श्याम श्याम बोलते ही सामने ही आ गया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम श्याम बोलते ही सामने ही आ गया ,

रोटी हुई आखियो को हसना सीखा गया,

श्याम श्याम बोलते ही सामने ही आ गया ,

अब तो मेरी जीवन डोरी सँवारे के हाथ है,

कदम कदम पे बाबा रहता मेरे साथ है,

बटका जो कभी मैं रास्ता दिखा गया,

रोटी हुई आखियो को हसना सीखा गया,

देदी मैंने जिम्मेदारी सारी अपनी सेठ को,

दाना पानी मौज से ही मिल रहा पेट को,

भूखा नहीं सोने दिया हाथो से खिला गया,

रोटी हुई आखियो को हसना सीखा गया,

सँवारे के रंग में रंगी है चुनरियाँ,

चोखानी सेवा में अब तो बीते रे उमरियाँ,

दीनो का सहारा बन आके समजा गया,

रोटी हुई आखियो को हसना सीखा गया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।