हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

हे मेरे प्यारे का नाम श्री कृष्ण

(जुगल नाम सो नेम

हे जपत नित कुंज बिहारी

अवलोकत रहै केल सखी

सुख के अधकारी

गान कला गंधर्व

श्याम श्यामा को तोसे

उत्तम भोग लगाये

मोर पारकट टिम तोसे

रिपति द्वार थड़े राहे

और धर्म अशन दास की

आशु धीर उध्योत करे

रसिक छप श्री हरि दास की

ध्यान मूल गुरुर मूरति

पूजा मूल गुरु पदम

मन्त्र मूलम् गुरुर वक्ष्याम

मोक्ष मूलम् गुरु कृपा

हे भक्त भक्ति भगवंत गुरु

चतुर नाम वाको इक

इनक पग वंदन कारे

इनक पग वंदन कीये

नाशे विघ्न अनेक)

हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

हे मेरे प्यारे का नाम श्री कृष्ण

हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

हे मेरे प्यारे का नाम श्री कृष्ण

बंसी वाले का नाम श्री कृष्ण

बोलो श्री कृष्ण श्री कृष्ण

ओ मेरी प्यारी का नाम श्री राधा

बरसाने वारी का नाम श्री राधा

मेरी लाडो का नाम श्री राधा

वृन्दावन वारी का नाम श्री राधा

बोलो श्री राधा श्री राधा

एक तेरी सांवरी सूरत से

बस हो ही गया है प्यार मेरा

बस हो ही गया है प्यार मेरा

खकर के जामने की ठोकार

अब तू ही मिला दिलदार मुझसे

अब तू ही मिला दिलदार मुझसे

तेरी इसस उजाडे गुलशन की

अब तक ना मिली है बहार मुजे

अब तक ना मिली है बहार मुजे

ओ नंद लाला अब डर ना कर

झट से दिखला दीदार मुजे

झट से दिखला दीदार मुजे

बोलो श्री कृष्ण श्री कृष्ण

ओ मेरी प्यारी का नाम श्री राधा

बरसाने वारी का नाम श्री राधा

सखियो वारि कै नाम श्री राधा

मेरी लाडो का नाम श्री राधा

वृन्दावन वारी का नाम श्री राधा

बोलो श्री राधा श्री राधा

एक बर राधा दर

एक बर राधा दर

प्रानी पवन हॉट

हरि विराजे दास हरदये

और जगे प्रेम की ज्योत

और जगे प्रेम की ज्योत

सँवारो हीय विराजे

ऐजी मोर मुकुट

पीताम्बर बंसुरी साजे

फेर मिल वृंदावन वास

गरम है प्रेम अगाधा

ये जीवन हो कल्याण के

एक बर जो राधा

बोलो श्री राधा श्री राधा

ओ मेरी प्यारी का नाम श्री राधा

बरसाने वारी का नाम श्री राधा

मेरी लाडो का नाम श्री राधा

सखियो वारि कै नाम श्री राधा

वृन्दावन वारी का नाम श्री राधा

बोलो श्री राधा श्री राधा

बोलो श्री कृष्ण श्री कृष्ण

हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

हे मेरे प्यारे का नाम श्री कृष्ण

बंसी वाले का नाम श्री कृष्ण

कमली वाले का नाम श्री कृष्ण

बोलो श्री कृष्ण श्री कृष्ण

दीवानी बान जाउंगी

मन मोहन मुरली वाले की

य मन मोहन मुरली वाले की

ये कारी कंवर वेयर की

जोगणिया बन जाउंगी

य मन मोहन मुरली वाले की

जो मेन होति फनख मोर को

मुकुट पे सज जाटी रे

मन मोहन मुरली वाले की

पगड़ी पे लाग जाटी रे

मन मोहन मुरली वाले की

मन मोहन मुरली वाले की

या करि कंवर वर की

दीवानी बान जाटी रे

मन मोहन मुरली वाले की

जोगणिया बन जाउंगी

य मन मोहन मुरली वाले की

जो मुख्य होति बाँस की बंसी

अधरो पे लग जाति रे

मन मोहन मुरली वाले की

होतो पे सजती रे

मन मोहन मुरली वाले की

जो मुख्य होति ब्रज की धूलि

जो मुख्य होति ब्रज की धूलि

चरणो से लग जाटी रे

मनमोहन मुरली वेयर की

हे मुरली वाले का नाम श्री कृष्ण

हे मेरे प्यारे का नाम श्री कृष्ण

बंसी वाले का नाम श्री कृष्ण

कमली वाले का नाम श्री कृष्ण

बोलो श्री कृष्ण श्री कृष्ण

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।