मीरा हो गई दीवानी ओ मीरा हो गई दीवानी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ऐसी प्रीत मोहन से लगाईं बावरी हो गयी मीरा बाई

सुना जो राणा जी ने बात छल करने की मन में आई

हुआ न असर फैल गई खबर बात ये दुनियाँ ने जानी

राणा ने दिया विष का प्याला उसको भी अमृत कर डाला

मीरा हो गई दीवानी ओ मीरा हो गई दीवानी

ओ मीरा हो गई दीवानी मीरा हो गई दीवानी

गहने जेवर छोड़ दिए ले ली तुलसी की माला

श्याम नाम ने मीरा पे ऐसा जादू कर डाला

तेरे दर जीना तेरे दर मरना यही अब मन में ठानी

राणा ने दिया विष का प्याला उसको भी अमृत कर डाला

मीरा हो गई दीवानी ओ मीरा हो गई दीवानी

ओ मीरा हो गई दीवानी मीरा हो गई दीवानी

श्याम मिलन की आस में उसके लगे रात दिन कटने

सबसे नाता तोड़ लिए वो श्याम नाम लगी रटने

सच्ची प्रीत हो ज्यागी जीत कहते बड़े बड़े ग्यानी

राणा ने दिया विष का प्याला उसको भी अमृत कर डाला

मीरा हो गई दीवानी ओ मीरा हो गई दीवानी

ओ मीरा हो गई दीवानी मीरा हो गई दीवानी

मन में भक्ति भाव तो बनते पत्थर भी भगवान हैं

सच्चा ग्यान गुरु से मिलता वरना सब नादान है

डीएस पाल भी गाये कमाल फौजी सुरेश की वाणी

राणा ने दिया विष का प्याला उसको भी अमृत कर डाला

मीरा हो गई दीवानी ओ मीरा हो गई दीवानी

ओ मीरा हो गई दीवानी मीरा हो गई दीवानी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।