॥ पावन पाठ ॥
ये मेरी अर्जी है मैं वैसा बन जाऊ जैसे तेरी मर्जी है,
वो इतना प्यारा है ये चाँद कहे उस से तू चाँद हमारा है,
ये इश्क़ की बाजी है कोई माने न माने मेरा श्याम तो राजी है,
जग रोक न पायेगा जब मीरा नाचेगी और श्याम नचाएगा,