आओ जी आओ कन्धा लगाओ

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आओ जी आओ कन्धा लगाओ

जय साईं राम कहो साईं राम गुण गाओ,

पालकी सजी हुई है मेरे साईं नाथ की,

साईं नाथ की मेरे साईं नाथ की,

बाबा की पालकी की शान ही निराली,

विपदा इसी ने सभी भगतो की टाली,

बाबा का दर्शन करके अपना

सोया मुकदर जगाओ

आओ जी आओ कन्धा लगाओ

भगतो के मुख जैसे खिलते गुलाब है,

साईं से जुड़ के हुए और लाजवाब है ,

साईं के चरणों की धूलि को,

मस्तक पे अपने सजाओ,

आओ जी आओ कन्धा लगाओ

फूलो की लडिया है रास्तो में झूलती,

रंगीन झालरे भी स्वागत में झूमती ,

बाबा ने बक्शी खुशियों की घड़ियाँ मिल जुल के शुकर मनाओ,

आओ जी आओ कन्धा लगाओ

बन के दीवाना कोई झूम झूम नाचता,

कोई भजन गाये खूब साईं नाथ का,

हम को भी साहिल इस मस्ती में साईं दीवाना बनाओ,

आओ जी आओ कन्धा लगाओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।