जबसे खाटू में हम आने जाने लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरी रहमतों का श्याम अगर सहारा नहीं मिलता

मेरी डूबती नैया को कभी किनारा मिलता

जबसे खाटू में हम आने जाने लगे

सारे ग़म ज़िन्दगी के ठिकाने लगे

ओ जाने वाले खाटू के द्वार

ओ जाने वाले

श्याम तुमने बड़ी हम पर रेहमत करी

हर घडी अब तो हम मुस्कुराने लगे

सारे ग़म ज़िन्दगी के ठिकाने लगे

ओ जाने वाले खाटू के द्वार

ओ जाने वाले

तेरे चरणों में बीते मेरी ज़िन्दगी

बस यही इक दुआ हम मानाने लगे

ओ जाने वाले खाटू के द्वार

ओ जाने वाले

हाथ सर से मेरे तुम ना हटाना कभी

तुमको पाने में शर्मा को ज़माने लगे

ओ जाने वाले खाटू के द्वार

ओ जाने वाले

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।