श्याम सिंघासन हिलता है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आन्धी आए तुफान आए, कैसी भी कोई मुश्किल हो

जीवन नैया डोल रही हो, मिलता ना कहीँ साहिल हो

ऐसे में विश्वास भक्त का, इतना एक दिन फलता है

मन हो में विश्वास अगर तो, श्याम सहारा मिलता है

रोता है कोई श्याम का प्रेमी तो, श्याम सिंघासन हिलता है

राह दिखाता हर प्रेमी को, जीवन पथ पर साथ चले

ऐसा है विश्वास सान्वरा ले,हाथों में हाथ चले

श्याम सहारा बन जाता है, जब कोई प्रेमी फिसलता है

मन में हो विश्वास अगर तो, श्याम सहारा मिलता है

रोता है कोई श्याम का प्रेमी तो, श्याम सिंघासन हिल्ता है

जिसकी बगिया श्याम संभाले, महके वो फुलवारी है

उस बगिया का फूल सदा ही, बाबा का आभारी है

मुरझाए ना फूल कभी वो, हर मौसम में खिलता है

मन में हो विश्वास अगर तो, श्याम सहारा मिलता है

रोता है कोई श्याम का प्रेमी तो, श्याम सिंघासन हिल्ता है

करले भरोसा श्याम प्रभू पर, इधर उधर तू भटके क्यूं

हान्कनीया जब श्याम प्रभू है, तेरी नैया अटके क्यूं

अन्धकार के बाद ही रोमी, सूरज रोज़ निकलता है

मन में हो विश्वास अगर तो, श्याम सहारा मिलता है,

रोता है कोई श्याम का प्रेमी तो, श्याम सिंघासन हिल्ता है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।