मेलो श्याम धनि को लागे भगतो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

सूरजगढ़ श्याम के मंदिरए के माये,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

माघ सुधि ग्यारस दिन आवे श्याम ध्वजा सब लेकर आवे

श्याम ध्वजा भगता के हाथ सिखर बंद चढ़ जाए,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

आ को है इतहास निराला भगत अठे का खोल्या टालो,

लगियो अखाठो जद भगता को खाटू मंदिर माहि,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

दिखन में यु गांव है छोटो सेठ एथे बेठियो है मोटो,

यो ड्योढ़ी से वो ड्योढ़ी से तकदीर एथे बन जाए,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

श्याम अखाड़ों जद लग जावे ,

श्याम सिंगसन छोड़ के आवे,

भुला भुला के सब प्रेमी का अटका काम बनाये,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

आकर देखो श्याम नजारो,

केहनो मानो आज हमारो,

मनु जंग लाग्यो तालो किस्मत को खुल जाए,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

तुलसा राम जी हे लो महारे,

भगत बागी रथ खड़ा पुकारे,

कहे हजारी आवो मंदिर सब संकट मिट जावे,

मेलो श्याम धनि को लागे भगतो सूरजगढ़ के माये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।