आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

त्रैलोक्य पूज्य है रामनाम शुभारंभ कीजिए

सीताराम के जाप से पाप पूंज हो नष्ट जी

लौकिक पारलौकिक त्रिबिध ताप हो नष्ट जी

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

संग जानकी जगदंब शुभारंभ कीजिए

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

त्रैलोक्य पूज्य है रामनाम शुभारंभ कीजिए

ईशन के हैं ईश महाराजा राजधिराज जी

दीनबंधु वो कृपासिंधु पतितों का रखते लाज जी

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

तजि काम क्रोध मद लोभ दंभ शूभारंभ कीजिए

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

त्रैलोक्य पूज्य है रामनाम शुभारंभ कीजिए

कोटि मनोज लजावनिहारे रघुकूल राजदूलारे

कठिनभुमि कोमल पदगामी राजीव लोचनप्यारे

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

शिकारीनाथ अवलंब किए शुभारंभ कीजिए

आरंभ कीजिए प्रारंभ कीजिए

त्रैलोक्य पूज्य है रामनाम शुभारंभ कीजिए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।