रुतबा देखो श्याम धनि सरकार का

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

रुतबा देखो श्याम धनि सरकार का,

नीले घोड़े वाले लखदातार का

मकराने की कोठी में ही राज करे,

पहरेदार है हनुमंत इनके द्वार का,

रुतबा देखो श्याम धनि सरकार का

फूलो में ये बैठा छुप कर भवरे के जैसा,

खुद ही बोलो देखा है श्याम के जैसा,

अर्जी ये सुनता है सब की देव दयालु है.

हारे का साथी कहलाये बड़ा किरपालु है,

गूंजे धनका इसकी जय जय कर का,

नीले घोड़े वाले लखदातार का

जो भी दर्शन पा लेता है आके मेले में,

जीवन भर वो पड़े नहीं किसी झमेले में,

दिल से दिल की बाते जो भी आकर करता है ,

हर पल खाटू वाला उस के साथ रहता है

करो शुकरियाँ बाबा के उपकार का,

नीले घोड़े वाले लखदातार का

अल्लू सिंह जी कहते है दरबार सच्चा है,

बांजन के भी गोद में मुस्काता बच्चा है,

नीयत भली हो जिसकी उसकी पल में सुन लेता,

बिन मांगे ही बाबा उसको सब कुछ दे देता,

सबर नहीं फिर मुन्ना इन्तजार का,

नीले घोड़े वाले लखदातार का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।