मुरली बजाने वाले गिरिवर उठाने वाले

पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी) महाराज
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मुरली बजाने वाले, गिरिवर उठाने वाले,

मैं दास हूँ तुम्हारा, मैं दास हूँ तुम्हारा

ढूंढ लिया जग सारा मैंने , दर्श न तेरा पाया

जब मन को एकाग्र किया तो, तू दिल बीच समाया

भवतार करने वाले, बांके बिहारी हमारे,

मैं दास हूँ तुम्हारा...

तेरी माया ने प्रभु मुझको जग में खूभ नचाया

दीनबंधु भवतारण प्रभु जी, नाम तुम्हारा गाया

सर्वत्र रहने वाले, श्री राधा रमन हमारे,

मैं दास हूँ तुम्हारा...

रचना : पूज्य कृष्ण चन्द्र शास्त्री (ठाकुर जी) महाराज

स्वर : पूज्य इन्द्रेश जी महाराज

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।