ओ कान्हा अब आ जाओ

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

काहे पूरा वो नही किया ,

ओ कान्हा अब आ जाओ,

जो था गीता में वचन दियां काहे पूरा वो नही किया,

ओ कान्हा अब आ जाओ

जले पाप का हर सु दिया हुआ भगतो का छनी जिया,

ओ कान्हा अब आ जाओ

पैसे के सब मीत बन गए झूठी रिश्ते दारी,

प्यार कही भी नजर न आये जुलम छा गया भारी,

कसमाया का राज याहा खोया धर्म न जाने कहा,

ओ कान्हा अब आ जाओ

हा हा कार मचाये प्राणी रखवाला बस तू ही,

आ जा आ जा तुझे पुकारे पावन भारत भूमि,

यहाँ तूने था जन्म लिया करो उस धरती पे दया,

ओ कान्हा अब आ जाओ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।