राधे राधे बोल शाम आएंगे आएंगे शाम आएंगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

राधे राधे बोल शाम आएंगे

आएंगे शाम आएंगे

निकलेगा तेरी भक्ति का परिणाम तेरे घर भी आएंगे घनश्याम

राधे राधे बोल श्याम आएंगे ,आएंगे श्याम आएंगे ||

अरे वृन्दावन कहीं दूर है ,सब तेरी नज़र का कुसूर है

अरे बरसाना कहीं दूर है ,नंदगाव कहीं दूर है

सब तेरी नज़र का कसूर है

न देखे कोई धर्म कर्म कोई जात ,

जाने बस भक्तों के दिल की बात

न बस याद कर फ़रियाद कर ,

न यू जीवन बर्बाद कर ,

बीते दिन फिर लौट न आएंगे

लाखों मे किसी एक को चुनते है ,

अंदर की आवाज को सुनते है

वो सब जान के पहचान ले ,

एक बार वो अपना मान ले ,

फिर आके गले लगाएंगे

निकलेगा मेरी भक्ति का परिणाम ,

मेरे घर भी आएंगे घनश्याम

सब जान के पहचान ले ,

एक बार वो अपना मान ले ,

फिर वो आकर गले लगाएंगे

प्रेम के आंसू जिनके बहते हैं ,

उनके तो हरि अंग संग रहते है

मैं भी प्यासी हूँ हरि दासी हूँ ,

राधा जू खासम खासी हूँ ,

सुन कर हरि देर न लगाएंगे

निकलेगा मेरी हरि भक्ति का परिणाम ,

मेरे घर भी आएंगे घनश्याम

मैं भी प्यासी हरिदासी हूँ ,

राधा जू की खासम खासी हूँ

सुनकर देर न लगाएंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।