नी मैं श्याम मनाना नी चाहे लोग बोलिया बोले

विनोद अग्रवाल
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं ता श्याम मनाना नी चाहे लोग बोलिया बोले

मैं ता बाज नहीं आना नी, चाहे लोग बोलियां बोले

मैं ता शगन मनाना जी, चाहे लोग बोलियां बोले

सारे मैनू रोगन कहंदे, रोग न मेनू कोई

जद दा मिलेय श्याम प्यारा मैं ता रोगन होई

एह ता रोग पुराना जी, चाहे लोग बोलियां बोले...

लाख रोकन दी कोशिश करदे ने मेरे घरवाले

प्रीतां कैद न होयियाँ भावें लाख लगालो ताले

ताले तोडके आना जी, चाहे लोग बोलियां बोले...

छड सारे मैं रिश्ते आईआं श्यामा तैनू मनावन

टब्बर सारा छडीयाइ श्यामा तैनू रंग लगावन

तेरे रंग रंग जाना जी, चाहे लोग बोलियां बोले...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।