आओ मंदिर कीर्तन करिये

पारंपरिक
श्री राम भजन गुरुदेव भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

आओ मंदिर कीर्तन करिये,

रामायण दा सिमरन करिये,

चुन चुन बागा को फूल कलियाँ श्रद्धा दे हार बनाओ जी,

प्रभु वाल्मीक दी मूरत दे हस हस के गल विच पाओ जी,

मंदिर च ज्योत रोशन करिये,

आओ मंदिर कीर्तन करिये,

रामायण दा सिमरन करिये,

ढोलक चिमटा खड़ताल बजे इक ताल च बजड़ियाँ तालियां जी,

कर्मा वाले कीर्तन सुंदे ना जपदीयां कर्म वलियाँ जी,

तन खटिये सुखी जीवन करिये,

आओ मंदिर कीर्तन करिये,

रामायण दा सिमरन करिये,

रामायण दा हर इक आखर एह भेद आसा न दसदा है,

रजनीश पटी जग दा मालिक तेरे मेरे विच वसदा है,

अपने अन्द्रो दर्शन करिये ,

आओ मंदिर कीर्तन करिये,

रामायण दा सिमरन करिये,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।