सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता,

मैया की पग झोली से जोड़ो नाता ,

तकदीर तेरी भी बन जायेगी जीवन की गाडी चल जायेगी,

दुनिया में तेरा यश फैले गा,

राक्षक हर सुख पाता,

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

मैया जी उत्तम वाणी देंगी.

कंठ में तेरे आके वासेगी,

जो मांगो गे तुम्हे वो मिलेगा खाली न कोई जाता,

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

मैया जी ज्ञान की गरिमा देंगी,

जीवन सफल इस जग में करेंगे,

भाग्ये की रेखा बदल जाती है जो इनका गुण गाता

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

मैया जी नव चंग नव लेह भरेगी,

तुम साधना में रहो सुख मिलेगी ,

मैया उनका ध्यान है रखती जो मैया को ध्याता ,

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

विनय बिहारी प्रिय नित गाये,

हिरदये पुष्प माँ के चरण में चढ़ाये,

तुम भी चढ़ाओ करो कर्म अपना,

खुल जाए किस्मत का खाता,

सुबह सुबह बोलो सरस्वती माता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।