करके आजा मैया शेर की सवारी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

करके आजा मैया शेर की सवारी,

तेरे दर से दुखी दुनिया भटके से सारी,

करके आजा मैया शेर की सवारी,

धना पाप का घत में फेला हर मानस हो गया मैला,

कैसे जीवन जीयु मेरी बात समज न आई,

करके आजा मैया शेर की सवारी,

आज नफरत भरी हर दिल में साथी बनता न कोई मुश्किल में ,

सभी निर्धन तेरी कर्रे जुलम बहुत ही भारी,

करके आजा मैया शेर की सवारी,

लेके अवतार फिर से तू आजा गंधे सागर को निर्मल बना जा,

मैया विनती सुनो के ऍम पे गुजर हमारी,

करके आजा मैया शेर की सवारी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।