मात सरस्वती तेरा वंदन करते ही

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मात सरस्वती तेरा वंदन करते ही रे से अभिनन्दन जय माँ शारदे,

जिसका ध्यान धरे त्रिपुरारी ब्रह्मा विष्णु सहित मुरारी,

जय माँ शारदे जय माँ शारदे,

हंस विराजे वीणा साजे,गल मोतियां की माला

कंठ में वास करे हिरदये निवास करे भेभाव की हो शाला,

मैया श्वेत वसन तन सोये यश कांता मन को मोहे,

जय माँ शारदे जय माँ शारदे,

करू सुमिरन तेरा तुझको नमन मेरा सुन लो पुकार माता,

ज्ञान ज्योति देदो मैया शरण में लेलो मैया करो पुकार माता,

ज्ञानेश्वर पे किरपा करदे सनी की झोली ख़ुशी से भरदे

जय माँ शारदे जय माँ शारदे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।