पिय बिन सूनो छे जी म्हारो देश

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

पिय बिन सूनो छे जी म्हारो देश

एसो है कोई पिय से मिलावै

तन मन करुं सब पेश

तेरे कारण बनबन डोलुं

करके जोगण वेश

पिय बिन सूनो छे जी म्हारो देश

अवधि बीती अजहुं न आये

पंडर को गया केस

मीरां के प्रभु कब रे मिलोगे

तज दियो नगर न रेस

पिय बिन सूनो छे जी म्हारो देश

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।