क्यो गरब करे

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

क्यो गरब करे मन मूरख तु,जग छोङ के एक दिन जाना है,

करले कुछ सुकृत जीवन मे,ये दुनिया मुसाफिर खाना है,

पांच तत्व का बना पींजरा,जिसमे एक पंछी बेठा ,

हरदम लग रहा आना जाना,कभी किसी ने नही देखा ,

इस तन को मल-मल कर धोया,साबुन ओर तेल लगाकर के,

पर मन का मेल नही धोया कभी,राम का नाम जंपा कर के,

पत्थर चुनकर महल बनाया,दो दिन का ठोर ठिकाना है,

उठ जाएगी डोली तेरी,आखिर शमसान ठीकाना है ,

शुभ कर्म करे तो चमन खिले,वरना जीवन वीराना है,

कहे सदानन्द दुनियां वालो,फिर आखिर मे पछताना है

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।