गोरा के राज दुलारे आज हां मेरी लाज रखो

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

गोरा के राज दुलारे आज हां मेरी लाज रखो,

लाज रखो देवा लाज रखो देवा आज हमारी लाज रखो,

गोरा के राज दुलारे आज हां मेरी लाज रखो,

तुम हो करता तुम हो धरता तुम हो संकट हरता देवा,

तुम ही तारक तुम संगारक हर कोई दम भरता,

सिर पे ताज रखो हमारे,

गोरा के राज दुलारे आज हां मेरी लाज रखो,

तुम हो डाल में तुम हो पात में तुम कण कण में समाये,

सूरत प्यारी मूरत प्यारी सब के मन को भाये,

सिर पे ताज रखो हमारे,

गोरा के राज दुलारे आज हां मेरी लाज रखो,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।