गुजरी क्या होगी उस माँ के दिल पर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुजरी क्या होगी उस माँ के दिल पर,

जिस का न बेटा घर आया दम दुनिया को जीत ने का था,

वचन मात का पूरा किया,

चले थे युग देखने माँ के चरणों को छू कर,

साथ हारे का दूंगा भरोसा मुझपे तू कर,

जान गिरधर गबराये वचन नन्हे का सुन कर,

छल से इक वादा कराया राह में ब्र्हामन बन कर,

नीले से उतर कर बोले जो मांगो गे दूंगा,

जैसे ही माँगा शीश का दान ,

हाथ कन्हिया के धर दियां

दम दुनिया को जीत ने का था,

वचन मात का पूरा किया,

सींचा अमृत से शीश को श्याम ने था वर दियां.,

होगा कलयुग का देव तू तुम मेरा नाम है दियां,

युद में नजर न आया कोई पांडव बल शाली,

दिखा बस इक सुरदर्शन जिस ने जंग जीता थी डाली,

नाये युक्त सुना था निर्णय बोले नन्द के लाला,

कलयुग में तू बने गा साथी जिसने सहारा तेरा लिया

दम दुनिया को जीत ने का था,

वचन मात का पूरा किया,

तक गई आँखे तकते राह अपने बेटे की,

लगु गी गले मैं जी भर सुनुँगी बाते उसकी,

ना कोई खरी खबर है नहीं पैगाम है आया,.

लौटे जब पांडव घर पर हाल लला का सुनाया,

रोते रोते हाथ उठा कर बोली थी माँ प्यारी,

राजू ऐसा लाल मिले बस जिसने पूरा फर्ज किया,

दम दुनिया को जीत ने का था,

वचन मात का पूरा किया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।