प्रभु आप जगो (प्रार्थना)

परम् पूज्या संत करुणामयी गुरु माँ
श्री कृष्ण भजन विविध भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मेरे सर्व जगो, सर्वत्र जगो।

प्रभु आप जगो, प्रभु आप जगो।।

दुखान्तक खेल का अंत करो ।

प्रभु अंत करो, अब अंत करो ।।

सुखान्तक खेल प्रकाश करो।

प्रभु आप जगो, परमात्म जगो।।

मेरे सर्व जगो, सर्वत्र जगो ।

प्रभु आप जगो परमात्म जगो।।

हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।

हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।

श्री वृन्दावन बिहारी लाल की जय ।

श्री सच्चे महाप्रभु की जय।

स्वर : परम् पूज्या संत करुणामयी गुरु माँ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।