लागी रे सांई लगन तेरे नाम की

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन साईं भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

लागी रे सांई लगन तेरे नाम की, लागी रे सांई लगन तेरे नाम की ।

लागी थी लगन जैसे, लागी थी लगन जैसे, मीरा जी को श्याम की ॥

लागी थी, लागी थी, लागी थी, लागी रे सांई लगन तेरे नाम की ॥

ऐसी लगन लगी कि अब तो होश रही न बाकी,

बन गई सांई तेरे नाम प्यालों की मैं साकी,

रहती तलब है अब, मस्ती के जाम की ।

लागी रे सांई लगन तेरे नाम की...

राम रहीम तुम्ही हो बाबा तुम हो कृष्ण मुरारी,

तुम हो ब्रह्मा तुम हो विष्णु तुम हो शिव वरदानी,

तुम बिन मेरे सांई जी, तुम बिन मेरे सांई जी, दुनिया किस काम की ।

लागी थी, लागी थी, लागी थी, लागी रे सांई लगन तेरे नाम की ॥

महिमा लिखे संदीप तेरी ज्योति सुल्ताना गाये,

जो तेरे दर आये बाबा, झोली भर ले जाये,

करूं क्या सिफ़त तेरे, करूं क्या सिफ़त तेरे, शिरडी के धाम की ।

लागी थी, लागी थी, लागी थी, लागी रे सांई लगन तेरे नाम की ॥

Uploaded by : राज कुमार नामदेव

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।