मेरा भोला है भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी,

भोले/शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे ll

तेरा नाम है तारणहारा, एक तूँ ही है पालनहारा,

भोले नाथ रे, शंकर नाथ रे l

मेरे साथ रे, तूँ मेरे साथ रे l

तमाम सृष्टि का सार तूँ है, विकार तूँ निर्विकार तूँ है,

कहूँ क्या वारे मैं भोले तेरे, 'असीम तूँ है आपार तूँ है' l

ज़ुबान पे शँभू है वास तेरा, निगाह में भी निवास तेरा,

समाए दिल में है तेरी सूरत, 'वज़ूद मुझमे है ख़ास तेरा' l

गंगा सोहे जिसके केशा, करता मँगल जो हमेशा,

भोले नाथ रे, शँकर नाथ रे l

तूँ ही त्रिपुरारी कैलाशी, तूँ ही दुःख भंजन अविनाशी,

शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे l

मेरा भोला है भंडारी, जिसे पूजे दुनियाँ सारी,

भोले/शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे ll

मेरे साथ रे, तूँ मेरे साथ रे l

उदासिओं को मिटा दिया है, चिराग दिल में जला दिया है,

हमेशा से भोले नाथ तूने, 'सुख का रस्ता दिखा दिया है' l

नहीं है कोई सिवाए तेरे, बने हैं हम तो बनाए तेरे,

अगम भी तूँ है सुगम भी तूँ है, 'है खेल यह सब रचाए तेरे' l

पीकर खुद ही विष का प्याला, दुनियाँ को अमृत दे डाला,

भोले नाथ रे, शँकर नाथ रे l

कुल सृष्टि का चक्र चलाए, बिन गौरां आधा कहलाए,

शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे l

मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी,

भोले/शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे ll

मेरे साथ रे, तूँ मेरे साथ रे l

नमामि परमेश्वराय शँकर, नमामि सर्वेश्वराय शँकर,

नमामि योगेश्वराय शँकर, 'नमामि भुवनेश्वराय शँकर' l

मेरा भोला है भंडारी, करे नंदी की सवारी,

भोले/शँभू नाथ रे, शँकर नाथ रे ll

मेरे साथ रे, तूँ मेरे साथ रे ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।