सब की सुनी माँ तूने सब की सुनी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

तूने माँ देखा न गरीब न धनि ,

सब की सुनी माँ तूने सब की सुनी,

तेरी महिमा है जगजानी मुख से ना माँ जाए भखानी,

यह हर बिगड़ी बात है बनी,

सब की सुनी माँ तूने सब की सुनी,

भगतो की करती सुनवाई जिस ने भी आवाज लगाई,

महामाई तुझको कहते मुनि,

सब की सुनी माँ तूने सब की सुनी,

सारा माँ जग तुझको ध्यावे,

कुमरी अमन भी कलम चलावे,

केशव ने भी तुझको बनाया गुनी,

सब की सुनी माँ तूने सब की सुनी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।