दरशन दीजो आय प्यारे

मीरा बाई
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दरशन दीजो आय प्यारे

तुम बिनो रह्यो ना जाय

जल बिनु कमल चंद्र बिनु रजनी

वैसे तुम देखे बिनु सजनी

आकुल व्याकुल फिरूं रैन दिन

विरह कलेजो खाय

दिवस न भूख नींद नहीं रैना

मुख सों कहत न आवे बैना

कहा कहौं कछु समुझि न आवे

मिल कर तपत बुझाय

क्यूं तरसाओ अंतरयामी

आय मिलो किरपा करो स्वामी

मीरा दासी जनम जनम की

पड़ी तुम्हारे पाय

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।