मोहे सब घट श्याम ही दीखे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मोहे सब घट श्याम ही दीखे

सब घट श्याम ही दीखे

जित देखूँ उत श्याम ही दीखे

सागर की ये तरंग प्रभुजी

बोले राधे श्याम

नदिया की ये लहर प्रभुजी

गाये राधे श्याम

मोहे सब में श्याम ही दीखे

सब में श्याम ही दीखे

जित देखूँ उत श्याम ही दीखे

मोहे सब घट श्याम ही दीखे

बावरी बन मैं इत उत डोलूँ

निरखूं श्याम सलोना

श्याम नाम की पहर चुनरिया

श्याम ही श्याम पुकारूँ

सब में श्याम ही दीखे

सब में श्याम ही दीखे

जित देखूँ उत श्याम ही दीखे

मोहे सब घट श्याम ही दीखे

नैन चकोर भये प्रभु मधु के

हर क्षण प्रभु संग लागें

देखन चाहें हर पल प्रभु को

सब में प्रभु को पाए

सब में श्याम ही दीखे

सब में श्याम ही दीखे

जित देखूँ उत श्याम ही दीखे

मोहे सब घट श्याम ही दीखे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।