श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी,

मन मर्जी से उठिया करती,

चार टाइम मैं खाया करती ,

ईब भर्ती रेहवण लागी,

छोड़ घर खाटू में आगी,

श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी,

न मानु भी मैं ईश्वर ने,

ना जागी कदे ज्योत भी घर में,

ईब तेरी ज्योत जगन लागी

छोड़ घर खाटू में आगी,

श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी,

सूरज रोहतिया की मानी थी तेरा नाम मैं तब जानी थी,

ईब इस लोह चडन लागी छोड़ घर खाटू में आगी,

श्याम तेरी एसी खटक लागी छोड़ घर खाटू में आगी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।