कैसे जियु बिन तेरे सहारे

पारंपरिक
श्री राम भजन साईं भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ॐ साईं राम ॐ साईं राम,

कैसे जीयु बिन तेरे सहारे तुम देना साईं किनारे,

दिन सूरज और रात है तारे कोई न है अब साथ हमारे,

कैसे जीयु बिन तेरे सहारे ....

बस जीना अब भक्ति करके,

जीवन व्यर्थ न हो हमारे.

बन जाए जीवन का सार जो ले साईं नाम तुम्हारे,

ॐ साईं राम ॐ साईं राम,

तेरे पास जो आये साईं दिल में इक सकून समाया,

तेरे भजन और भक्ति करके मुझे लगा अब जन्नत पाया,

ॐ साईं राम ॐ साईं राम,

पहले थे बेनाम आवारा गली गली में फिरता मारा,

अब तो तुम बस हो हमारे सोंप दिया जे जीवन सारे,

ॐ साईं राम ॐ साईं राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।