हरी नाम सुमर सुखधाम जगत

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हरी नाम सुमर सुखधाम जगत में जिवना दो दिन का

सुन्दर काया देख लुभाया गरब करै तन का

गिर गई देह बिखर गई काया ज्यूँ माला मनका

सुन्दर नारी लगै पियारी मौज करै मनका

हरी नाम सुमर सुखधाम जगत में जिवना दो दिन का

सुन्दर काया देख लुभाया गरब करै तन का

काल बली का लाग्या तमंचा भूल जाय ठन का

झूठ कपट कर माया जोड़ी गरब करै धन का

हरी नाम सुमर सुखधाम जगत में जिवना दो दिन का

सुन्दर काया देख लुभाया गरब करै तन का

सब ही छोड़कर चल्या मुसाफिर बास हुआ बन का

यो संसार स्वप्न की माया मेला पल छिन का

ब्रह्मानन्द भजन कर बन्दे नाथ निरंजन का

हरी नाम सुमर सुखधाम जगत में जिवना दो दिन का

सुन्दर काया देख लुभाया गरब करै तन का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।