मैं तेरे बिना कमली होई तू दरश दिखा दे दातिए

मास्टर सलीम
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मैं तेरे बिना कमली होई, तू दरश दिखा दे दातिए

आजा हुण अम्बिके तू आजा माँ, रो रो केहनी हां

इक वार आ माँ, चरनी लगा माँ,

मैं तेरे बिना कमली होई...

तेरीयां उडीकां विच्च मैं ते हर वेले रहनी आ

बच्ची अन्भोल माँ, आजा मेरे कोल माँ,

मैं तेरे बिना कमली होई...

तेरे लई दुनिया ते आई हां माँ, मेरी शेरा वालिये

कर ले ख़याल माँ, मंदड़ा है हाल माँ

मैं तेरे बिना कमली होई...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।