सर्व सुख हरि शरणागत जान

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जगत मे देखी झूठी शान

सर्व सुख हरि शरणागत जान

चाहे काशी मथुरा जावो,गंगा करो स्नान

त्रिवेणी तीर्थ मे न्हावो,करलो जतन तमाम

अलख तणो मानव तन मिलियो,अद्भुत रचना जान

खलक बीच मे खरच दियो है,पङी नही पहचान

हाथ पांव सु सुकृत करले,मुख से भजले राम

मन चंचल ने वस मे करले,हो जा तु उपराम

बार-बार तुमको समझावे,शास्त्र वेद पुराण

सदानन्द कहे राम सुमरता,कोङी लागे ना दाम

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।