मेरी बालाजी सुनेंगे फरियाद

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

मेरी बालाजी सुनेंगे फरियाद

बालाजी ज़रूर सुनेंगे

अब होगी नैय्या पार अब बनेंगे सारे काम

अब मौज बहारें साल

बालाजी ज़रूर सुनेंगे

पार लगावे सबको बाबा

बाब सबके भाग्य विधाता

अब कृपा दृष्टि साथ अब है चरणों की आस

श्री राम दुलारे साथ

बालाजी ज़रूर सुनेंगे

आस है हमको बाबा तेरी

श्री राम के प्यारे सुनलो मेरी

सुनो सचिन की ये अरदास

मेरी पूरी करदो आस

तुम भक्तों के हर दम साथ

बालाजी ज़रूर सुनेंगे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।