राधा नाम नदिया की धारा बही जाए रे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन कृष्ण भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

धारा बही जाए रे ,

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

ब्रम्हा नाम, रट्टे ले पोथी ll

पोथी के पन्ना, नदिया में बही जाए रे l

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

शँकर नाम, रट्टे ले डंमरु ll

डंमरु की डम डम, नदिया में बही जाए रे l

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

गौरां नाम, रट्टे ले गणपति ll

गणपत को लडडुया, नदिया में बहियो जाए रे l

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

*हनुमत नाम, रट्टे ले झंझा ll

हनुमत का झंझा, नदिया में बहा जाए रे l

राधा नाम, नदिया की, धारा बही जाए रे ll

हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा कृष्णा, हरे हरे,

हरे रामा, हरे रामा, रामा रामा, हरे हरे ll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।