आओ आओ शारदे माँ आओ आओ शारदे माँ

पारंपरिक
श्री गणेश भजन दुर्गा भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

कंठ समाओ स्वर को सजाओ जीवन धन्य बनाओ,

मैं मूरख अज्ञानी मैया ज्ञान की राह दिखाओ,

आओ आओ शारदे माँ आओ आओ शारदे माँ,

सुर न जानू ताल न जानू सरगम को मैं न पहचानू,

सुर समजाओ ताल बताओ विदया धन बरसाओ आओ आओ शारदे माँ,

वीणा के तार से कमल के हार से बिगड़ी बनाओ गणेश की अपने दुलार से,

वीणा बजाओ कमल खिलाओ अब तो दर्श दिखाओ,

आओ आओ शारदे माँ आओ आओ शारदे माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।