आये दर्शन को हम भी तुम्हारे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

जाके बैठे हो ऊंची पहाड़ियां कितनी सूंदर बनाये हो मड़ियाँ,

आ गये भक्त हिमत न हारे,तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

सच्चे मन से पहाड़ी चढ़े जो फिर जमाने में आगे बड़े वो,

उस को होते है दर्शन तुम्हारे,तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

भोले बाबा को तुम ने मनाये नाम बुरा भगत है कहाये,

शिव की भगति में जीवन गुजारे,तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

भक्त इक जो पहाड़ी चढ़ा था पाँव फिसला तो निचे गिरा था,

बन गये तुम ही उसके सहारे,तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

आये दर्शन को हम भी तुम्हारे तुम ही हो भोले बाबा हमारे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।