हम को है क्या गम साथ जो हर दम

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हम को है क्या गम साथ जो हर दम,

श्याम प्रभु रहते है,

मत गबराना मेरे प्यारो,

वो हमसे कहते है,

श्याम के प्रेमी कभी न सोचे आगे क्या क्या होना है,

उनको तो बस श्याम प्रेम सा सागर में नाम डुबोना है,

फिर सांवरियां ही सब जाने हम तो मगन रहते है,

श्याम प्रभु रहते है,

कोई भी हालत टिका न सके श्याम के प्यारो को,

और निराशा तोड़ न पाती श्याम प्रेम के तारो को,

जिन नैनो में श्याम समाये वो न कभी बहते है,

श्याम प्रभु रहते है,

हम सब श्याम दीवानो की पहचान अलग ही रहती है,

देखि वो है श्याम का प्यारा खुद ही दुनिया कहती है,

मुख पर होती इक चमक अनोखी गम न कभी सहते है,

श्याम प्रभु रहते है,

जिस गुलशन को अपने हाथो खुद ये श्याम सजायेगा,

संजय उसका फिर कोई फूल कैसे भला मुर्झायेगा,

हर मौसम में सदा महक ते श्याम के गुल रहते है,

श्याम प्रभु रहते है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।