आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आजा माँ आजा शारदे मैया आजा माँ आजा शारदे,

आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ,

याद आवे माँ तोरी याद आवे माँ,

देजा माँ देजा शारदे दर्शन देजा माँ देजा शारदे,,

आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ,

शेर के रथ पे सवार भवानी,

भगतो की घर पर आओ जी,

आ कर के मैया हम सब पर

अपना प्यार लुटाओ जी माँ,

देजा माँ देजा शारदे दर्शन देजा माँ देजा शारदे,

आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ,

अखियन पलक बिछा बैठे है,मैया तेरे दास माँ,

करो किरपा माँ शारदे रानी सब को तुझसे आस माँ,

देजा माँ देजा शारदे दर्शन देजा माँ देजा शारदे,

आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ,

ना जाने भक्ति न पूजा न जाने अरदास माँ,

इन नैनो में तेरी दर्श की जन्मो जन्म की प्यास माँ,

देजा माँ देजा शारदे दर्शन देजा माँ देजा शारदे,

आजा माँ आजा तोरी याद आवे माँ,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।