आज तुम्हारा शुकर वार भजन तेरे गायंगे

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

हम दो दोड़े दोड़े आयेंगे माता तेरे मंदिर में.

आज तुम्हारा शुकर वार भजन तेरे गायंगे,

सारा जग तामा आये तुम तो सहाए,

संतोषी नाम रानी ध्वजा फेह्राई,

जग मग ज्योत जलाई सारे श्रृष्टि माँ चमकाई,

शीश जो जुकावे रे माई तेरे मंदिर में,

माई मेरी दे वरदान जो गुण तेरा गाये रे,

आज तुम्हारा शुकर वार भजन तेरे गायंगे,

सुनती फर्यादे सबकी बिगड़ी बनावे,

बंज घटी पे दादी फूल खिलाये,

सोये सोये भाग जगाए सब की बिगड़ी बात बनाये,

मैया संकट को उभारे रे माता तेरा वर्त करया,

आज तुम्हारा शुकर वार भजन तेरे गायंगे,

महिमा तो माता थारी वेद पखाने,

फूल पे दोडी आवे जो भी पुकारे,

तू घट घट की बाते जाने भला बुरा तू माँ पहचाने ,

शंकर यश तेरा गावे रे,

चोकठ तेरी बेठ चरण आशीष संतोषी माँ तू मुझपे भी कर दे रे,

आज तुम्हारा शुकर वार भजन तेरे गायंगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।