मैया जय सरस्वती माता

-स्वामी सदानन्द जोधपुर
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

जय सरस्वती माता,मैया जय सरस्वती माता ,

आकर कंठ विराजो,शुद्ध शब्द गाता जय-जय,

श्वेताम्बर तन धारे,कर वीणा सोहे मैया कर,

कमलाशन पे विराजे,त्रिभुवन मन मोहे जय-जय,

ब्रह्मा विष्णु महेशवर,सदा गुणगान करे मैया सदा

त्रिविध ताप मिटाकर,भक्तो के कष्ट हरे जय-जय

हरियो पींपल द्वारे,लाल ध्वजा धारे मैया लाल

सिंह असवारी पधारो,हार गले धारे जय-जय

मात सरस्वती की आरती,प्रेम सहित गावे मैया प्रेम

कहत सदानन्द स्वामी,उर आनन्द छावे जय-जय

रचनाकार:-स्वामी सदानन्द जोधपुर

M.9460282429

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।